मथुरा। संस्कृति आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के स्त्री एवं प्रसूति तंत्र  विभाग एवं आरोग्य भारती, ब्रज प्रांत, मथुरा के संयुक्त तत्वावधान में विश्व स्तनपान सप्ताह-2026 के अंतर्गत के.आर. डिग्री कॉलेज, मथुरा में स्तनपान जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विवि की सीईओ डॉ. मीनाक्षी एवं प्राचार्य डॉ. मोहनन एम. के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में स्त्री एवं प्रसूति तंत्र विभाग की सहायक आचार्या डॉ. रेखा ने छात्राओं, शिक्षकों एवं उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए स्तनपान के महत्व, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, जन्म के प्रथम घंटे में स्तनपान प्रारंभ करने, पहले छह माह तक केवल माँ का दूध देने तथा दो वर्ष या उससे अधिक समय तक पूरक आहार के साथ स्तनपान जारी रखने की आवश्यकता को विस्तार से समझाया।
उन्होंने बताया कि माँ का दूध शिशु के लिए सर्वोत्तम, सुरक्षित एवं संपूर्ण पोषण का स्रोत है, जो उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ बनाता है तथा शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही उन्होंने आयुर्वेद में वर्णित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संबंधी सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए स्वस्थ मातृत्व एवं बाल स्वास्थ्य के लिए स्तनपान को जीवन की सर्वोत्तम शुरुआत बताया।
व्याख्यान के दौरान छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा स्तनपान, मातृ पोषण एवं नवजात शिशु की देखभाल से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका डॉ. रेखा द्वारा वैज्ञानिक एवं आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से समाधान किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पीढ़ी में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा भविष्य में स्वस्थ समाज के निर्माण हेतु स्तनपान के महत्व का संदेश जन-जन तक पहुँचाना था। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय प्रशासन ने इस जन-जागरूकता पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।