मथुरा। योग और प्राकृतिक चिकित्सा के स्नातक अब संस्कृति विश्वविद्यालय से डाक्टर आफ मेडिसिन (एमडी) की पढ़ाई कर डिग्री हासिल कर सकेंगे। संस्कृति विवि के स्कूल आफ योग एंड नेचुरोपैथी में अब तक स्नातक(बीएनवाईएस) की पढ़ाई हो रही थी लेकिन अब स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर एमडी की डिग्री हासिल कर सकेंगे। विश्वभर में योग, प्राकृतिक चिकित्सा और समग्र स्वास्थ्य सेवाओं की मांग निरंतर बढ़ रही है। भारत सरकार के आयुष क्षेत्र के विस्तार तथा लोगों में प्राकृतिक जीवनशैली के प्रति बढ़ती जागरूकता ने इस क्षेत्र को एक उज्ज्वल और सम्मानजनक करियर विकल्प बना दिया है।
संस्कृति स्कूल ऑफ योगा एंड नेचुरोपैथी की विभागाध्यक्ष डा. तनुश्री ने बताया कि बैचलर आफ नेचुरोपैधी एंड यौगिक साइंस (बीएनवाईएस)  साढ़े पांच वर्षीय व्यावसायिक डिग्री कार्यक्रम है, जिसमें साढ़े चार वर्ष की पढ़ाई तथा एक वर्ष की अनिवार्य इंटर्नशिप शामिल है। इस पाठ्यक्रम में एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, पैथोलॉजी, डायग्नोसिस, योग चिकित्सा, प्राकृतिक चिकित्सा, आहार एवं पोषण, हाइड्रोथेरेपी, मड थेरेपी, फास्टिंग थेरेपी तथा जीवनशैली चिकित्सा का समग्र अध्ययन कराया जाता है। विद्यार्थी योग / प्राकृतिक चिकित्सा / न्यूट्रिशन एवं डाइटेटिक्स / एक्यूपंक्चर विषय में डाक्टर आफ मेडिसिन (एमडी) भी कर सकते हैं। यह उन विद्यार्थियों के लिए है जो विशेषज्ञ चिकित्सक, शोधकर्ता, शिक्षक एवं स्वास्थ्य सलाहकार के रूप में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। यह पाठ्यक्रम उन्नत नैदानिक ज्ञान, अनुसंधान कौशल तथा रोग प्रबंधन की विशेषज्ञता प्रदान करता है। एमडी के लिए इसी वर्ष से प्रवेश प्रारंभ हो चुके हैं। 
विभागध्यक्ष डा. तनुश्री बताती हैं आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा, तनाव, अनिद्रा तथा अन्य जीवनशैली संबंधी रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में स्कूल ऑफ योगा एंड नेचुरोपैथी, संस्कृति विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की मूलभूत जानकारी के साथ योग, प्राकृतिक चिकित्सा, पोषण, जीवनशैली प्रबंधन तथा समग्र स्वास्थ्य देखभाल की वैज्ञानिक शिक्षा प्रदान करता है। यहाँ अनुभवी संकाय, आधुनिक प्रयोगशालाएँ, चिकित्सकीय प्रशिक्षण तथा व्यावहारिक शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को उत्कृष्ट स्वास्थ्य विशेषज्ञ बनने के लिए तैयार किया जाता है। स्नातक एवं एमडी पूर्ण करने के पश्चात विद्यार्थी प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग चिकित्सक, सरकारी एवं निजी अस्पताल आयुष संस्थान एवं वेलनेस सेंटर, योग थेरेपी एवं लाइफस्टाइल डिजीज क्लीनिक, मेडिकल कॉलेज एवं विश्वविद्यालयों में अध्यापन, शोध एवं क्लिनिकल रिसर्च, कॉर्पोरेट वेलनेस एवं हेल्थ कंसल्टेंसी, न्यूट्रिशन एवं लाइफस्टाइल विशेषज्ञ, हेल्थ रिसॉर्ट, स्पा एवं मेडिकल टूरिज्म, स्वयं का क्लिनिक या वेलनेस सेंटर स्थापित करने का अवसर, भारत एवं विदेशों में बढ़ते वेलनेस उद्योग में अपना उत्कृष्ट भविष्य बना सकते हैं। 
संस्कृति स्कूल आफ नेचुरोपैधी एंड यौगिक साइंस में अनुभवी एवं विशेषज्ञ संकाय,आधुनिक प्रयोगशालाएँ एवं क्लिनिकल प्रशिक्षण,उत्कृष्ट अस्पताल एवं ओपीडी  सुविधा, अनुसंधान एवं नवाचार को प्रोत्साहन, उद्योग एवं अस्पतालों में इंटर्नशिप एवं प्रशिक्षण, समग्र व्यक्तित्व विकास एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में विशेष सहयोगी साबित हो रही हैं।