Breaking News • Politics • Sports • Entertainment

बांके बिहारी मंदिर मामला: सुप्रीम कोर्ट में यूपी सरकार के अध्यादेश पर पुनः सुनवाई अब शुक्रवार को होगी

बांके बिहारी मंदिर मामला: सुप्रीम कोर्ट में यूपी सरकार के अध्यादेश पर पुनः सुनवाई अब शुक्रवार को होगी
📂 Other
👤 News Fast Live
📅 5 August 2025, 09:26
👁️ 275 Views
बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा दायर याचिका पर आज एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई। याचिका में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2025 में जारी किए गए उस अध्यादेश को चुनौती दी गई है, जिसके तहत राज्य सरकार ने वृंदावन स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर के प्रबंधन का अधिकार अपने हाथ में ले लिया है। इसके अलावा, याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के 15 मई 2025 के उस आदेश को वापस लेने की भी मांग की है, जिसमें सरकार को मंदिर की आय से कॉरिडोर निर्माण के लिए धन का उपयोग करने की अनुमति दी गई थी। यह मामला आज माननीय सुप्रीम कोर्ट की पीठ — जिसमें न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची शामिल हैं — के समक्ष सूचीबद्ध था। पिछली सुनवाई में, माननीय न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुझावों का संक्षिप्त नोट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। आज की सुनवाई में, दोनों पक्षों ने अपने-अपने सुझाव सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से एक विस्तृत प्रस्ताव कोर्ट के समक्ष रखा गया। मंदिर प्रबंधन समिति ने सरकार के प्रस्ताव का गंभीरता से अध्ययन करने के लिए समय की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए पीठ ने मामले की अगली सुनवाई आगामी शुक्रवार को तय की है। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्री श्याम दीवान, श्री कपिल सिब्बल, श्री निखिल गोयल और श्री गोपाल शंकरणारायण ने अदालत में पक्ष रखा। बांके बिहारी मंदिर मामला : सुप्रीम कोर्ट ने बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा दाखिल याचिका पर फिर से सुनवाई शुरू की है। इस याचिका में उत्तर प्रदेश सरकार के वर्ष 2025 के उस अध्यादेश को चुनौती दी गई है, जिसके तहत सरकार ने मंदिर के प्रबंधन का नियंत्रण अपने हाथ में लिया है। इसके अलावा याचिका में 15 मई को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए उस फैसले को वापस लेने की मांग की गई है, जिसमें सरकार को मंदिर के चारों ओर कॉरिडोर विकसित करने के लिए मंदिर की धनराशि का उपयोग करने की अनुमति दी गई थी। आज उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पारित अध्यादेश को चुनौती देने वाली याचिकाएं माननीय सुप्रीम कोर्ट की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध की गईं। यह पीठ माननीय न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की थी। कल की सुनवाई में माननीय न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुझावों का एक संक्षिप्त नोट तैयार करने का निर्देश दिया था। आज दोनों पक्ष अपने-अपने सुझावों के नोट के साथ प्रस्तुत हुए। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक विस्तृत प्रस्ताव पेश किया। मंदिर प्रबंधन समिति ने इस प्रस्ताव का गहन अध्ययन करने के लिए समय मांगा। इसके मद्देनज़र, पीठ ने इस मामले को आगामी शुक्रवार के लिए सूचीबद्ध कर दिया है।