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Tuesday, 18th June,
2019
मथुरा। संस्कृति स्कूल आफ एग्रीकल्चर द्वारा “एग्रीकल्चर ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट के लिए करियर के मौके” विषयक एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ वक्ता ने विद्यार्थियों को बताया कि कृषि क्षेत्र में स्नातक और परास्नातक की डिग्री लेने के बाद कैरियर के लिए कौन-कौन से मौके उपलब्ध हैं। इस उपयोगी कार्यक्रम के दौरान आईएसएबी, ग्रेटर नोएडा के संस्थापक सुरभ पांडे ने बताया कि आज के दौर में कृषि क्षेत्र में बहुत तेजी से बदलाव आ रहा है। कृषि क्षेत्र में नए-नए शोध और नए-नए प्रयोग किए जा रहे हैं। इन शोधों और प्रयोगों से कृषि में क्रांतिकारी परिवर्तन हो रहे हैं। यही वजह है कि इस क्षेत्र में काम करने और अपना कैरियर बनाने के अनेक मौके उपलब्ध हैं। उन्होंने कार्यक्रम की शुरुआत योग और मेडिटेशन से की, और बताया कि ये प्रैक्टिस सभी को शांति और अच्छी हेल्थ देती हैं। उन्होंने भारत और दुनिया भर में एग्रीकल्चर सेक्टर के बड़े और बढ़ते दायरे पर ज़ोर दिया। सरकारी सेक्टर की नौकरियों, रिसर्च और एकेडमिक करियर, एग्रीबिज़नेस मैनेजमेंट और मल्टीनेशनल एग्री-इनपुट कंपनियों में मौके, एग्री-स्टार्टअप और एंटरप्रेन्योरशिप, एग्री-टेक, डिजिटल एग्रीकल्चर, डेटा-ड्रिवन फार्मिंग, एग्री-कंसल्टेंसी, और बैंकिंग, इंश्योरेंस और रूरल डेवलपमेंट सेक्टर में करियर समेत कई करियर मौकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विशेषज्ञ वक्ता सुरभ पांडे ने स्किल डेवलपमेंट, इंडस्ट्री एक्सपोजर, इंटर्नशिप, कम्युनिकेशन स्किल और कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी के महत्व पर भी ज़ोर दिया। स्टूडेंट्स को एग्रीकल्चर इंडस्ट्री की बदलती मांगों को पूरा करने के लिए इनोवेशन, प्रॉब्लम-सॉल्विंग एबिलिटी और प्रैक्टिकल नॉलेज पर फोकस करने के लिए बढ़ावा दिया। उन्होंने क्लाइमेट-स्मार्ट एग्रीकल्चर, सस्टेनेबल खेती के तरीके, एग्री-एक्सपोर्ट पोटेंशियल और वैल्यू-चेन डेवलपमेंट जैसे उभरते ट्रेंड्स पर अपनी राय शेयर की। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आपको नौकरी ढूंढने के स्थान पर स्वयं उद्यमी बनकर तमाम लोगों को नौकरी देने वाला बनने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा करके आप अपना और तमाम और विद्यार्थियों का भला कर सकेंगे। कार्यक्रम के अंत में एक एक क्विज़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें लगभग 100 स्टूडेंट्स ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में बीएससी (एग्रीकल्चर) के छात्र श्रीयांश गुप्ता ने प्रथम स्थान, दूसरा स्थान छात्रा महक अग्रवाल (बायोटेक्नोलॉजी) को और तीसरा स्थान छात्र वाई. नागा बाबू रवेंद्र बीएससी( एग्रीकल्चर) ने हासिल किया। प्रोग्राम का अंत स्कूल ऑफ़ एग्रीकल्चर के डीन डॉ. कंचन कुमार सिंह के धन्यवाद भाषण के साथ हुआ, जिन्होंने मिस्टर सुरभ पांडे को उनकी कीमती जानकारी के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने संस्कृति यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. सचिन गुप्ता जी, CEO मैडम डॉ. मीनाक्षी शर्मा जी और वाइस चांसलर डॉ. एम. बी. चेट्टी जी को भी कार्यक्रम को सफल बनाने में उनके लगातार सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
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